मौर्य वंश – की पूरी जानकारी Maurya Vansh GK In Hindi

Hello Candidates, जैसा की आप सभी लोग जानते होगी अगर GS के टापिक से किसी भी परीक्षा मे कही से कोई भी सवाल पूछ लिए जाते है, क्योकी यह एक समुद्र की तरह है, जहॉ पर कुछ निश्चित पता नही होता है, कि कहॉ से लेकर कहॉ तक के प्रश्नो को परीक्षाओ मे पूछा जाएगा तो हम कुछ न कुछ अच्छी जानकारी लेकर आते रहते है, की आपको पढने मे एक अच्छी जानकारी प्राप्त हो सके आज के इस Post के माध्यम से हम आपको मौर्य सम्राज्य के बारे मे विस्तार से जानकारी देगे तथा पूरी कहॉ के रुप मे बताएगे और साथ ही साथ इस टापिक से कैसे प्रश्न पूछे जाते है परीक्षाओ मे तो नीचे दिए गए सम्पूर्ण लेख को ध्यान पूर्वक पढे क्योकी पता नही कौन सा प्रश्न आपकी अगली परीक्षा मे यहॉ से पूछ लिए जाए। ध्यान दे : अगर आपके पास Android Mobile है, तो हमारा App Download करले जिसके माध्यम से आप सम्पूर्ण सामान्य ज्ञान बिना Internet के पढ सकते है।maurya vansh ka itihass and gk question in hindi

मौर्य सम्राज्य की पूरी जानकारी

  • मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईं पूर्व मे हुआ था।
  • मौर्य राजवंश (322 – 185 ईसा पूर्व) प्राचीन भारत का एक महान राजवंश था,  इसने 137 वर्ष भारत में राज्य किया।
  • मौर्य साम्राज्य के विस्तार एवं उसे शक्तिशाली बनाने का श्रेय सम्राट अशोक को जाता है।
  • इस पूरे सम्राज्य मे चाणक्य की अहम भूमिका रही चाणक्य चन्द्रगुप्त का प्रधानमंत्री बना।
  • इसका पूरी इतिहास हम आपको नीचे बताते है।

 

मौर्य वंश का इतिहास पूरी जानकारी

ध्यान दे : नीचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण और परीक्षा मे पूछे गए प्रश्नो को ही रखा गया है, इसलिए इन्हे ध्यान पूर्वक पढने के बाद नोट्स मे लिख जरुर ले इन्ही प्रश्नो को परीक्षा मे सबसे अधिक बार पूछा गया है।

  • मौर्य साम्राज्य पूर्व में मगध राज्य में गंगा नदी के मैदानों से शुरु हुआ।
  • इसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी।
  • सम्राट अशोक के कारण ही मौर्य साम्राज्य सबसे महान एवं शक्तिशाली बनकर विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ।
  • चन्द्रगुप्त जैन धर्म का अनुयायी था।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने जैनी गुरु भद्रबाहू से जैनधर्म की दीक्षा ली थी।
  • चन्द्रगुप्त मगध की राजगद्दी पर 322 ईं पूं मे बैठा।
  • चन्द्रगुप्त ने 305 ईसा पूर्व मे सेल्यूकस निकेटर को हराया।
  • चन्द्रगुप्त ने अपना अन्तिम समय कर्नाटक के श्रवणबेलगोला नामक स्थान पर बिताया।
  • चन्द्रगुप्त की मृत्यू 298 ईसा पूर्व मे श्रावणबेलागोला मे उपवास द्वारा हूई।

मौर्य वंश के शासन काल

नीचे दिए गए Table मे हमने साफ साफ दर्शाया है, कि इस वंश से सम्बन्धित किन किन शासको ने किस शासन काल की अवधि तक अपना सम्राज्य स्थापिक किया हुआ था।

क्र.सं. मौर्य राजवंश के शासकों का नाम शासन काल अवधि
1. चन्द्रगुप्त मौर्य 322 ईसा पूर्व से 298 ईसा पूर्व तक
2. बिन्दुसार मौर्य 298 ईसा पूर्व से 272 ईसा पूर्व तक
3. अशोक मौर्य 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक
4. दशरथ मौर्य 232 ईसा पूर्व से 224 ईसा पूर्व तक
5. सम्प्रति मौर्य 224 ईसा पूर्व से 215 ईसा पूर्व तक
6. शालिसुक मौर्य 215 ईसा पूर्व से 202 ईसा पूर्व तक
7. देववर्मन मौर्य 202 ईसा पूर्व से 195 ईसा पूर्व तक
8. शतधन्वन मौर्य 195 ईसा पूर्व से 187 ईसा पूर्व तक
9. बृहद्रथ मौर्य 187 ईसा पूर्व से 185 ईसा पूर्व तक

मौर्यवंश के पतन के मुख्य कारण

जैसा की आप सभी लोग जानते होगे की इसकी कहानी मे इस वंश के अंत होने का कुछ कारण था जिसकी वजह से इस पूरे वंश का पतन हो गया था यह प्रश्न UPPCS, MPPCS, SSC, UPSSSC, UP Related Other One Day Exams मे पूछे गए है, इस पूरे टापिक के इन Point को ध्यान मे जरुर बिढा ले तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

  • अयोग्य एवं निर्बल उत्तराधिकारी,
  • प्रशासन का अत्यधिक केन्द्रीयकरण,
  • राष्ट्रीय चेतना का अभाव,
  • आर्थिक एवं सांस्कृतिक असमानताएँ,
  • प्रान्तीय शासकों के अत्याचार,
  • करों की अधिकता।

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