Uttar Pradesh GK उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान इतिहास

Hello Candidates, अगर आप उत्तर प्रदेश से है, तो उत्तर प्रदेश की सम्पूर्ण जानकारी अर्थात सम्पूर्ण इतिहास के बारे मे आपको पता होना जरुरी है, जैसा की उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित जितनी भी परीक्षाए आयोजित कि जाती है, उनमे यहॉ दिए गए प्रश्नो से मे एक प्रश्न जरुर पूछे लिए जाते है, इसलिए आपको उत्तर प्रदेश की सम्पूर्ण सामान्य ज्ञान पता होना अत्यन्त आवश्यक है, आज के इस Post के माध्यम से हम आपको Uttar Pradesh से सम्बन्धित पूरी जानकारी GK हिन्दी भाषा मे बताएगे तथा बहुत से प्रश्नो को आपके समझ रखेगे और डाउनलोड भी कर सकते है उपलब्ध नोट्स को PDF मे।up gk question in hindi

UP Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान GK

 राज्य उत्तर प्रदेश 
 राजधानी लखनऊ (1921 से)
 पूर्व नाम संयुक्त प्रान्त
राज्य की विधिक स्थापना 1 November, 1956
 राजकीय भाषा हिन्दी (दुसरी उर्दू)
राजकीय पशु बारहसिंगा
राजकीय पक्षी सारस अथवा क्रौंंच
राजकीय वृक्ष अशोक
राजकीय पुष्प पलाश (जनवरी 2011 से)
 राजकीय चिन्ह  एक वृत्त मे 2 मछली, 1 तीर-धनुष (यह चिन्ह 1938 से स्वीकृत है)
विधान मण्डल द्विसदनात्मक
 विधान सभा सदस्यो की संख्या 403+1 = 404 (एक एंग्लो इण्डियन)
विधान परिषद् सदस्यो की संख्या 99+1 = (एक एंग्लो इण्डियन)
 लोक सभा सदस्यो की संख्या 80
राज्य सभा सद्सयो की संख्या 31
उच्च न्यायालय इलाहाबाद (खण्डपीठ – लखनऊ)
सम्भागो की संख्या 18
जिलो की संख्या 75
महानगर (10 लाख से अधिक जनसंख्या) 6
तहसीलो की संख्या 316
ब्लाको की संख्या 821
नगर एवं नगर समूह 630
 नगर निगमे – 13 नवीन निगम – सहारनपूर 2009
नगर पालिका परिषद 194
नगर पंचायते 423
जिला पंचायते 75
क्षेत्र पंचायते 821
ग्राम पंचायते 51,914
आबाद ग्राम 97,941
कुल ग्राम 1,06,774
प्रथम मुख्यमंत्री पं0 गोविन्द बल्लभ पंत
प्रथम राज्यपाल श्री  मती सरोजनी नायडू
प्रथम विधान सभा का गठन 8 March, 1952
प्रथम विधान सभा अध्यक्ष राजर्षि पुरुषोत्तम दास डण्डन
प्रथम विधान परिषद सभापति चन्द्रभान
प्रथंम मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कमला कान्त वर्मा
प्रथम महिला मुख्यमंत्री श्री मती सुचेता कृपलानी
प्रथम दलित महिला मुख्यमंत्री सुश्री मायावती
प्रथम लोकायुक्त विश्नम्भर दयाल
प्रथम विश्वविद्यालय इलाहाबाद विश्वविद्याल्य 1887

उत्तर प्रदेश का इतिहास

राम कृष्ण की जन्म स्थली वाला यह राज्य गौरवशाली इतिहास का मात्र साक्षी ही नही, बल्कि निर्माता भी है, यह़़ॉ के पौराणिक काल से आधुनिक राजनीतिक काल तक की जो ऐतिहासिक गतिविधियां रही , उन्हे नकार कर भारत के इतिहास की पूर्णता की कल्पना ही नही की जा सकती है। उत्तर वैदिक काल मे इस प्रदेश को ‘ब्रम्हार्षि देश’ अथवा ‘मध्य प्रदेश’ के नाम से जाना जाता था। यह प्रदेश भारद्वाज, याज्ञवल्क्य, विशष्ठ, शिक्षामित्र तथा बाल्मीकि इत्यादि सरीखे महान श्रषि-मुनियो की तपोभूमि रहा। विश्व के दो महानतक महाकाव्यो ‘रामायण’ तथा ‘महाभारत’ का मूल कथानक इसी क्षेत्र पर आधारित है। भगवान बुद्द ने अपना सर्वप्रथम उपदेश यहॉ के सारनाथ मे दिया और यही के कुशीनगर मे उन्होने महापरिनिर्वाण भी प्राप्त किया। तत्कालीन समय के 16 महाजनपदो मे से 8 महाजनपदो का विस्तार वर्तमान उत्तर प्रदेश मे ही था। इन 8 महाजनपदो एवं इनकी राजधानियो के नाम निम्नांकित है।

  • महाजनपद – कुरु (दिल्ली मेरठ, थानेश्वर)
  • राजधानी – इंद्रप्रस्थ (दिल्ली के समीप इंद्रपाल)
  • महाजनपद – शूरसेन (मथुरा के आसपास का क्षेत्र)
  • राजधानी – मथुरा
  • महाजनपद – पांचाल (फर्रुखाबाद, बदायू, बरेली)
  • राजधानी – अहिच्छत्र (बरेली) तथा काम्पिल्य (फर्रुखाबाद) कौशाम्बी
  • महाजनपद – वत्स (इलाहाबाद तथा आस-पास का क्षेत्र)
  • राजधानी – कौशाम्बी
  • महाजनपद – मल्ल (जिला कुशीनगर)
  • राजधानी – कुशीनगर तथा पावा
  • महाजनपद – कोशल (अवध)
  • राजधानी – साकेत तथा श्रावस्ती
  • महाजनपद – चेदि (बुंदेलखण्ड)
  • राजधानी – शुक्तिमती  (बांदा)
  • महाजनपद – काशी (वाराणसी)
  • राजधानी – वाराणसी

अंग्रेज शासको ने अवध नामक दो प्रान्तो को मिलाकर जो प्रान्त बनाया उसे “आगरा और अवध संयुक्त प्रान्त” के नाम से पुकारा गया। फिर वर्ष 1935 मे इस प्रान्त को मात्र “संयुक्त प्रान्त (United Province)” कहा जाने लगा। देश की स्वतंत्रता के पश्चात जनवरी, 1950 मे संयुक्त प्रान्त का नाम “उत्तर प्रदेश” कर दिया गया।

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