Current Affairs BS3 & BS4 की पूरी जानकारी आगामी परीक्षा और Interview के लिए बेहद महत्वपूर्ण

Hello Students, अभी कुछ ही समय पहले BS3 & BS4 Engine के बारे मे जरुर पढा होगा यह Current Questions मे पूछा जा सकता है, तो आज हम इस Important Current Question जो आगामी परीक्षा या Interview मे 100% पूछे जाने की सबसे ज्यादा संम्भावना है।bs3 and bs4 ki puri jankari, important current affairs question in 2017


2017 Current Questions

  • BS3 और BS4 Engine क्या है?
  • क्यूँ सुप्रीम कोर्ट ने इस इंजन के बिक्री में रोक लगा दी है?

हाल ही में ही सुनने में आया की Supreme Court के एक फैसले से 1 April 2017 से BS-3 (BS-3) Engine वाली गाड़ियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. 1 April से हमारे देश में BS-3 (BS-3) इंजन वाली गाड़ियाँ न बनायीं या बेची जाएगी. यूँ कहे तो केवल BS-4 (BS-4) Engine गाड़ियां ही बनाई और बेची जाएंगी.

भारत में BS Engine का इतिहास

भारत में सबसे पहले BS Engine 1991 में Petrol के लिए और 1992 में Diesel यानों के लिए लागु किया गया था. इसके बाद Catalytic Converter petrol की गाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया और Lead रहित का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया.

  • BS III को पुरे देश में सन 2010 में लागु किया गया, Reference के तोर पे Euro III को रखा गया.
  • BS IV को सन 2016 में केवल देश के कुछ ही शहरों में अनिवार्य किया गया, reference के तोर पे Euro IV को रखा गया.
  • सन 2020 तक BS VI Engines को पुरे देश में लागु करने का लक्ष्य रखा है.

BS3 and BS4 Standards क्या है?

Simple Language में कहें तो BS Standard से वाहनों से होने वाले प्रदूषण का पता चलता है. इसके जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के Engine से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है. BS मानक (Standard) Central Pollution Control Board तय करती है, और तो और देश में चलने वाली हर गाड़ियों के लिए BS का मानक जरूरी है। देखा जाये तो यह मानक (Standard) सभी देश के अलग-अलग भी हो सकते हैं जैसे अमेरिका में यह मानक Tier-1, Tier-2 होता है वहीं यूरोप में यूरो मानक होता है, वैसे ही सुई धारा के अनुसार भारत में BS3 & BS4 Engine का इस्तेमाल होता है.

  • Research से यह बात सामने आई है कई BS3 Engine के मुकाबले BS4 Engine 80% तक कम प्रदुषण पैदा करती है, जिससे हमारे वातावरण का कम नुकसान होता है.
  • वैसे इन दोनों BS3 and BS4 Engine के mileage में ज्याद फरक नहीं है. दोनों में लगभग समान mileage नज़र आया है.
  • Automakers को BS IV की Model बनाने के लिए April 1, 2017 से पहले तक का समय दिया गया था. कुछ Automakers ने इस लक्ष्य को प्राप्त भी किया है. पर जो Automakers के पास पहले से ही बहुत सा Stock था उन्हें इस Decision से बहुत तकलीफ हुई है.

क्या है BS Engines का भविष्य (Future of BS Engines)

अभी के लिए BS IV Engines April 1, 2017 से पूरा देश में इस्तेमाल करना अनिवार्य है. जिससे भी यदि अभी नयी गाड़ी खरीदनी है उन्हें थोडा ज्यादा पैसे कर्च करने पड़ेंगे पहले के मुकाबले. पर देखा जाये तो इससे हमारे देश की प्रदुषण की मात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी.

सुनाने में आया है की केंद्र सरकार के मुताबिक 2020 तक पुरे देश में BS VI Engines लागु कर दिया जायेंगे, और BS V Engines को Ignore कर दिया जायेगा. और केंद्र सरकार Petrol और Diesel के Purity के ऊपर भी बहुत खर्च करने वाली है.

ऐसे करने के लिए Automakers को भी अपने तरफ से इस मुहीम में भाग लेना पड़ेगा, उन्हें भी अपने Infrastructure को improve करने पड़ेगा, और उनके Manufacturing Plants को Upgrade करने पड़ेगा जिससे की वो BS VI Engines की production कर पाए.

इस प्रकार भले ही गाड़ियों की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी नज़र आ सकती है पर इससे कई फयिदे भी है. और Customers के पास कई विकल्प भी मेह्जूद होंगे. और हमारी गाड़ियाँ भी Internation Market के Standard की हो जाएगी. और जिससे उन्हें हमारे देश में व्यापार करने में सुविधा होगी.

Note: गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को मापने के लिए भारत में बीएस तो अमेरिका में टियर और यूरोप में यूरो मानक होता है।

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