Republic Day गणतंत्र दिवस 26 January के बारे मे

Republic Day 26 January – गणतंत्र दिवस आने को है बहुत से Candidates इस दिवस से सम्बन्धित कुछ जानकारिया है, जिसे वो नही जानते है आज के इस लेख मे हम आपको गणतंत्र दिवस से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी देगे की यह दिवस क्यो मनाया जाता है और कैसे मनाया जाता है तथा साथ ही कुछ ऐसे रहस्य तथ्यो के बारे मे भी बताएगे जो आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा और जिन Students को इस Republic Day Essay गणतंत्र दिवस भाषण की जरुरत है तो हमने नीचे एक भाषण प्रस्तुत किया है जिसे आपको एक बार पढना जरुर चाहिए।

ध्यान दे : आप चाहे इस लेख को थोडा सी ही क्यो न पढे पर नीचे Comment मे एक बार हमारे भारत के बारे मे 2 शब्द जरुर लिखे अच्छे Comment करने वाले Students को हमारी तरफ से कुछ Gift जरुर उपलब्ध करवाया जाएगा।

Republic Day 26 January गणतंत्र दिवस

साल 1927 के के समय Bhagat SIngh और Hindustan Republic Association की भारतीय राजनीति में मांग बढ रही थी। कांग्रेस से अलग Bhagat Singh और उनकी फौज ने भारत की पूरी आजादी की बात रखी। अब इससे Indian National Congress के जो युवा नेता थे  Subhash Chandra Bos,  Jawahar Lal Nehru वे भी प्रभावित हो गए। उन्होंने कांग्रेस से मांग की वे भी पूरी आजादी की मांग करे, लेकिन उनकी ये आवाज सुनी नहीं गई। 26 january republic day

December 1928 में INC ने Dominan States की मांग करते हुए एक प्रस्ताव लाई, और British Government को एक साल का समय दिया। British ने इस विचार को नकार दिया, ये कहते हुए कि India Dominan Dtates के लिए अभी तैयार नहीं है। अब इससे कांग्रेस नाराज हो गई। लाहौर में 1929 में एक Session के दौरान नेहरू को अध्यक्ष चुन लिया गया। और कांग्रेस ने डोमिनन स्टेटस से अलग पूर्ण स्वराज के लिए Vote किया। इसके बाद एक प्रस्ताव पारित हुआ कि 1930 में JANUARY के आखिरी रविवार को स्वतंत्रा दिवस के रुप में मनाया जाए। January का आखिरी रविवार 1930 में 26 तारीख को पड़ा। इस दिन जवाहर लाल नेहरु ने लाहौर में रवि नदी के किनारे तिरंगा फहराया। इसके बाद भारत ने 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रा दिवस के रुप में मनाया लेकिन ब्रिटिश अभी भारत में ही थे।

गणतंत्र दिवस 2018 के मुख्य अतिथि

भारत गणराज्य दिवस 2018 में मुख्य अतिथि दुनिया के 10 देशों ASEAN राज्यों के प्रमुख) के 10 महान नेता होंगे। नीचे मुख्य अतिथि और उनके राष्ट्रों के नाम की सूची है:

  1. सुल्तान और विद्यमान प्रधान मंत्री, Hassanal Bolkiah – Brunei
  2. प्रधान मंत्री, Hun Sen – Cambodia
  3. राष्ट्रपति, Joko Widodo – Indonesia
  4. प्रधान मंत्री, Thongloun Sisoulith – Laos
  5. प्रधान मंत्री, Najib Razak – Malaysia
  6. राष्ट्रपति, Htin Kyaw – Myanmar
  7. राष्ट्रपति, Rodrigo Roa Duterte – Philippines
  8. राष्ट्रपति, Halimah Yacob – Singapore
  9. प्रधान मंत्री, Prayuth Chan-ocha – Thailand
  10. प्रधान मंत्री, Nguyễn Xuân Phúc – Vietnam
  11. UP Teacher – सहायक शिक्षक भर्ती 2017-2018
  12. GK PDF Download 5000+ Questions Hindi & English

गणतंत्र दिवस 26 January 2018 News

गणतंत्र दिवस 2018 की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

  • भारत, गणतंत्र दिवस 2018 को सभी 10 ASEAN देशों (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र) के महान नेताओं के साथ मनाएगा। इस वर्ष 2018 में, भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि 10 मुख्य अतिथि भारत गणतंत्र दिवस पर शामिल होने जा रहे है। यह साल बहुत खास है क्योंकि दक्षिण पूर्व एशियाई समूह ने इस साल अपने 50 वर्षों के गठन (8 अगस्त 1967) को पूरा कर लिया और भारत ने 2017 में इस समूह के साथ अपने 25 सालों की साझेदारी (1992 में शुरू हुई) पूरी की।
  • ऐसा पहली बार है कि राजपथ पर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के झंडे भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • प्रधान मंत्री के हर महीने का प्रोग्राम “मन की बात” को प्रदर्शित करने के लिए “ऑल इंडिया रेडियो” को एक झांकी द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा।
  • आयकर विभाग द्वारा एक झांकी “ब्लैक मनी ड्राइव” को प्रदर्शित करने के लिए होगा।
  • 113 बीएसएफ महिलाएं मोटरसाइकिल स्टंट जैसे पिरामिड, शक्तिमान, फिश राइडिंग, सीमा प्रहरी, बुल फाइटिंग इत्यादि का प्रदर्शन करेंगी।
  • एयरक्राफ्ट कैरियर (आईएसी) विक्रांत को भारतीय नौसेना द्वारा प्रदर्शित किया जा रहा है जो 2020 में शुरू किया जाएगा।
  • “निर्भय मिसाइल” और “अश्विनी रडार सिस्टम”, रक्षा विकास और अनुसंधान संगठन द्वारा प्रदर्शित की जाएगी।
  • “एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (नेत्रा) राजपथ पर प्रदर्शित किया जाएगा।
  • दिल्ली स्कूल के छात्रों का एक समूह भारत-ASEAN संबंधों को प्रदर्शित करेगा।
  • अतिथि देशों के लगभग 700 छात्र (भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के अलावा) परेड में प्रदर्शन करेंगे।
  • पंजाब की झांकी का थीम होगा “संगत और पंगत” (संगत का अर्थ सांप्रदायिक सौहार्द्र; पंगत का अर्थ है समुदाय रसोई), जो की मानवता के लिए प्रेम को प्रदर्शित करेगा।
  • मलेशिया, कंबोडिया, और थाईलैंड जैसे कई देशों के कथक और फोक नृत्य को प्रदर्शित किया जायेगा।
  • लगभग 61 आदिवासी अतिथियों को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

26 January Republic Day Kyu Manaya Jata Hai

15 अगस्त 1947 से पहले जब भारत को आजादी मिली, हमारी संविधान सभा जिसका गठन 1946 में हो गया था, और हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 तक तैयार हो गया था। तब जो नेता थे उन्होने दो महीने और रुकने का निर्णय लिया। ऐसे में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

  • भारत में ‘गणतंत्र दिवस’ 26 जनवरी को मनाया जाता है। 1950 में 26 जनवरी को भारत में नया संविधान, भारत का संविधान लागू हुआ था।
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गणतन्त्र दिवस Kaise Manaya Jata Hai

राजधानी में गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये पहले से ही भारतीय सरकार द्वारा अच्छे प्रयास के साथ कार्यक्रम और उत्सव आयोजित किया जाता है। राज्यों की राजधानी के साथ ही नयी दिल्ली के राजपथ पर एक बड़ा और भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। परेड में पारंपरिक डाँस समूह, जल सेना, वायु सेना और थल सेना से प्रतिभागी भाग लेते हैं।

नयी दिल्ली में रखा गया परेड खासतौर से शुरुआत किया जाता है जब इंडिया गेट के अमर ज्योति जवान पर भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पुष्पमाला भेंट की जाती है। अपने देश की रक्षा करते हुए भारतीय सेना के सैनिकों के सभी बलिदानों को याद करने के लिये ऐसा किया जाता है। राजधानी में परेड के दौरान भारतीय राष्ट्रपति द्वारा सेना की सलामी ली जाती है जबकि राज्यों में राज्यपाल द्वारा सेना की सलामी ली जाती है। इस खास अवसर पर, राज्य के प्रमुख राष्ट्रपति के मुख्य अतिथि बनते हैं।

  • गणतंत्र दिवस भारत में मनाये जाने वाली तीन राष्ट्रीय छुट्टियों में से एक है। इस दिन नई दिल्ली में विशेष परेड का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रपति परेड की सलामी लेते हैं। राजपथ पर परेड का भव्य आयोजन होता है। भारतीय सेना की तीनों Wings इसमें हिस्सा लेती हैं।
  • देश के सभी राज्यों क़ी राजधानियों में झंडा रोहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी, निगम एवं प्रशासनिक कार्यालयों में झंडारोहण का कार्यक्रम होता है। स्कूल एवं कालेजों में विभिन्न कार्यक्रम, खेल-कूद एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होता है तथा विजेताओं को सम्मानित किया जाता है।

बेटियो का गणतंत्र

गणतंत्र के इस 69 वे वर्ष मे हम बात करेगे बेटियो के सामने आने वाली चुनौतियो कि देश के इस राष्ट्रीय पर्व पर हम बेटियो की हिफाजत की बात कर रहे है। बेटियां, सुरक्षा, स्वास्थ, बढता, अपराध रोजगार, सांप्रदायोकता गण से जुडे प्रमुख मुद्दे है। हमारा समाज इन दिनो कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है इसमे सर्वोपरी है बेटियां की सुरक्षा और हिफाजत 26 जनवरी वही दिन है जब देश ने स्वतंत्र भारत के नए संविधान के युग का सूत्रपात किया था। गणतंत्र दिवस को हम देश ताकत और उपलब्धियो के मूल्याकरं का दिन भी कह सकते है।

 गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि

वर्ष पद और मुख्य अतिथि का नाम सम्बंधित देश
2017 क्राउन प्रिंस, शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान अबु धाबी
2016 राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद फ्राँस
2015 राष्ट्रपति, बराक ओबामा यूएसए
2014 प्रधानमंत्री, शिंजों आबे जापान
2013 राजा, जिग्मे केसर नामग्याल वाँगचुक भूटान
2012 प्रधानमंत्री, यिंगलुक शिनवात्रा थाईलैंड
2011 राष्ट्रपति, सुसीलो बमबंग युद्धोयुनो इंडोनेशिया
2010 राष्ट्रपति, ली म्यूंग बक कोरिया गणराज्य
2009 राष्ट्रपति, नूरसुलतान नजरबयेव कज़ाकिस्तान
2008 राष्ट्रपति, निकोलस सरकोजी फ्रांस
2007 राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन रुस
2006 राजा, अब्दुल्ला बिन अब्दुल्लाजिज़ अल-सऊद सऊदी अरेबिया
2005 राजा, जिग्मे सिंघे वाँगचुक भूटान
2004 राष्ट्पति, लूइज़ इनैसियो लूला दा सिल्वा ब्राजील
2003 राष्ट्पति, मोहम्मदम खतामी इरान
2002 राष्ट्पति, कसाम उतीम मॉरीशस
2001 राष्ट्पति, अब्देलाज़िज बुटेफ्लिका अलजीरीया
2000 राष्ट्पति, ओलूसेगुन ओबाझाँजो नाइजीरिया
1999 राजा बिरेन्द्र बीर बिक्रम शाह देव नेपाल
1998 राष्ट्रपति, जैक्स चिराक फ्रांस
1997 प्रधानमंत्री, बासदियो पांडेय त्रिनीनाद और टोबैगो
1996 राष्ट्रपति, डॉ फरनॉनडो हेनरिक कारडोसो ब्राजील
1995 राष्ट्रपति, नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रिका
1994 प्रधानमंत्री, गोह चोक टोंग सिंगापुर
1993 प्रधानमंत्री, जॉन मेजर यूके
1992 राष्ट्रपति, मारियो सोर्स पुर्तगाल
1991 राष्ट्रपति, मौमून अब्दुल गयूम मालदीव
1990 प्रधानमंत्री, अनिरुद्ध जुगनौत मॉरीशस
1989 गुयेन वैन लिंह वियतनाम
1988 राष्ट्रपति, जुनियस जयवर्द्धने श्रीलंका
1987 राष्ट्रपति, ऐलेन गार्सिया पेरु
1986 प्रधानमंत्री, एँड्रियास पपनड्रीयु ग्रीस
1985 राष्ट्रपति, रॉल अलफोन्सिन अर्जेन्टीना
1984 राजा जिग्मे सिंघे वाँगचुक भूटान
1983 राष्ट्रपति, सेहु शगारी नाइजीरिया
1982 राजा, जॉन कार्लोस प्रथम स्पेन
1981 राष्ट्रपति, जोस लोपेज़ पोरेटील्लो मेक्सिको
1980 राष्ट्रपति, वलेरी गिस्कार्ड द इस्टेइंग फ्रांस
1979 प्रधानमंत्री, मलकोल्म फ्रेज़र ऑस्ट्रेलिया
1978 राष्ट्रपति, पैट्रीक हिलेरी ऑयरलौंड
1977 प्रथम सचिव, एडवर्ड गिरेक पौलैण्ड
1976 प्रधानमंत्री, जैक्स चिराक फ्रांस
1975 राष्ट्रपति, केनेथ कौंडा जांबिया
1974 राष्ट्रपति, जोसिप ब्रौज टीटो यूगोस्लाविया
प्रधानमंत्री, सिरीमावो रतवत्ते दियास बंदरनायके श्रीलंका
1973 राष्ट्रपति, मोबुतु सेस सीको जैरे
1972 प्रधानमंत्री, सीवुसागर रामगुलाम मॉरीशस
1971 राष्ट्रपति, जुलियस नीयरेरे तंजानिया
1970
1969 प्रधानमंत्री, टोडर ज़िकोव बुल्गारिया
1968 प्रधानमंत्री, एलेक्सी कोज़ीगिन सोवियत यूनियन
राष्ट्रपति, जोसिप ब्रोज टीटो यूगोस्लाविया
1967
1966
1965 खाद्य एवं कृषि मंत्री, राना अब्दुल हामिद पाकिस्तान
1964
1963 राजा, नोरोदम शिनौक कंबोडिया
1962
1961 रानी, एलिज़ाबेथ द्वितीय यूके
1960 राष्ट्रपति, क्लिमेंट वोरोशिलोव सोवियत संघ
1959
1958 मार्शल यि जियानयिंग चीन
1957
1956
1955 गर्वनर जनरल, मलिक गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान
1954 राजा, जिग्मे दोरजी वाँगचुक भूटान
1953
1952
1951
1950 राष्ट्रपति, सुकर्नों इंडोनेशिया

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ तथ्य:

  • पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।
  • 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया।
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।
  • भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई।
  • भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं।
  • भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी।
  • गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
  • 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं। यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता है।
  • गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री अमर ज्योति पर शहीदों को श्रद्धाजंलि देते हैं जिन्होंने देश के आजादी में बलिदान दिया।

गणतंत्र दिवस Republic Day GK Question

प्रश्न – पहले गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के इर्विन स्टेडियम में झंडा फहराया गया था।
प्रश्न – पूर्ण स्वराज दिवस (26 January 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था।
प्रश्न – आईएसटी के अनुसार 26 January 1950 को 10.18 Minutes पर भारत का संविधान लागू किया गया।
प्रश्न – भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी।
प्रश्न – गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी।
प्रश्न – राजपथ परेड के पहले मुख्य अतिथि पाकस्तिान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे।
प्रश्न – मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी 26 Jan 1963 को घोषित किया गया था।
प्रश्न – 1950 – 1954 के बीच गणतंत्र दिवस का समारोह इर्विन स्टेडियम किंग्सवे, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में हुआ करता था।
प्रश्न – 26 जनवरी को ही सारनाथ के अशोक स्तंभ पर बने सिंह को राष्टरीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया था।
प्रश्न – रिपब्लिक डे परेड 1950 को पहले चीफ इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति ‘सुकर्णो’ थे।

Gantantra Diwas गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य कार्यक्रम राजधानी दिल्ली में होता है । विजय चौक पर मंच बना होता है तथा दर्शक दीर्घा होती है । राष्ट्रपति अपने अंगरक्षकों के साथ यहाँ पधारते हैं और राष्ट्रध्वज फहराते हैं । उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। सेना के बैंड राष्ट्रगान की धुन गाते हैं। राष्ट्रपति परेड का निरीक्षण करते हैं । परेड में विभिन्न विद्‌यालयों के बच्चे, एन.सी.सी. के कैडेट्‌स पुलिस अर्द्धसैनिक और सेना के जवान भाग लेते हैं । परेड को देखने नेतागण, राजदूत और आम जनता बड़ी संख्या में आती है । इस अवसर पर किसी राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है ।

गणतंत्र दिवस की परेड का दृश्य बहुत आकर्षक होता है । सेना और अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ती हैं । परेड के बाद झांकियों का दृश्य सलामी मंच के सामने से गुजरता है । एक से बढ्‌कर एक सजी- धजी झाकियाँ । किसी में कश्मीर के शिकारे का दृश्य तो किसी में महात्मा बुद्ध की शांत मुद्रा की झलक । किसी में महाराणा प्रताप अपने घोड़े चेतक पर नजर आते है तो किसी में रणचंडी बनी लक्ष्मीबाई । किसी-किसी झाँकी में नृत्यांगनाएँ नाचती-गाती सबको मंत्रमुग्ध किए चलती हैं । विभिन्न राज्य अपनी झाँकी में अपनी संस्कृति को दर्शाते हैं । बहादुर बच्चे हाथी या जीप पर सवार होकर बहुत प्रसन्न दिखाई देते है । गणतंत्र दिवस के समारोह में राष्ट्रपति देश के निमित्त असाधारण वीरता प्रदर्शित करनेवाले सेना और पुलिस के जवानों को वीरता पुरस्कार एवं पदक प्रदान करते है ।

गणतंत्र दिवस अपनी उपलब्धियों के मूल्यांकन का दिन है । गणतंत्र भारत ने कौन-कौन सी मंजिलें तय कर लो और किन-किन मंजिलों की छूना अभी बाकी है इसकी समीक्षा की जाती है । अखबारों और पत्रिकाओं मैं इससे संबंधित अनेक रिपोर्टें छपती हैं । टेलीविजन पर रंगारंग कार्यक्रम होते हैं । जगह-जगह पर कव्वालियों, मुशायरों और कवि सम्मेलनों की घूम मची रहती है राजधानी की मरकारा इमारतों पर मनमोहक रोशनी की जाती है । राष्ट्र अपने गणतंत्र पर गर्व महसूस करता है ।

गणतंत्र दिवस Republic Day 26 January 2018

26 जनवरी 2018 को भारत का 69वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस को भारत में राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। संविधान के लागू होने के बाद भारत लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था।

15 अगस्त 1947 में अंग्रेजों के चंगुल से भारत को मुक्ति मिली थी। इसके बाद से डॉक्टर भीम रॉव अंबेडकर को भारत का संविधान ड्राफ्ट करने की जिम्मेदारी मिली। डॉ अंबेडकर ने संविधान को लिखा।
4 नवंबर 1947 में डॉ अंबेडकर ने संविधान को सभा के सामने पेश किया जिसे सभी की सहमति से पास होने में काफी दिनों का समय लग गया। यह संविधान पूर्ण स्वराज के आधार पर बना था। 26 जनवरी 1950 को भारत के पहले संविधान के रूप में स्वीकार किया गया।

 

Republic Day Poem In Hindi

नोट :- अगर आपको यह कविता पसन्द आये तो इस कविता को आप अपने दोस्तों और चाहने वालो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे.”

माह जनवरी छब्बीस को हम
सब गणतंत्र मनाते |
और तिरंगे को फहरा कर,
गीत ख़ुशी के गाते ||

संविधान आजादी वाला,
बच्चो ! इस दिन आया |
इसने दुनिया में भारत को,
नव गणतंत्र बनाया ||

क्या करना है और नही क्या ?
संविधान बतलाता |
भारत में रहने वालों का,
इससे गहरा नाता ||

यह अधिकार हमें देता है,
उन्नति करने वाला |
ऊँच-नीच का भेद न करता,
पण्डित हो या लाला ||

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब हैं भाई-भाई |
सबसे पहले संविधान ने,
बात यही बतलाई ||

इसके बाद बतायी बातें,
जन-जन के हित वाली |
पढ़ने में ये सब लगती हैं,
बातें बड़ी निराली ||

लेकर शिक्षा कहीं, कभी भी,
ऊँचे पद पा सकते |
और बढ़ा व्यापार नियम से,
दुनिया में छा सकते ||

देश हमारा, रहें कहीं हम,
काम सभी कर सकते |
पंचायत से एम.पी. तक का,
हम चुनाव लड़ सकते ||

लेकर सत्ता संविधान से,
शक्तिमान हो सकते |
और देश की इस धरती पर,
जो चाहे कर सकते ||

लेकिन संविधान को पढ़कर,
मानवता को जाने |
अधिकारों के साथ जुड़ें,
कर्तव्यों को पहचानो ||


गणतन्त्र दिवस पर भाषण

मेरी आदरणीय प्रधानाध्यापक मैडम,

मेरे आदरणीय Sir & Madam और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार।

हमारे गणतंत्र दिवस Republic Day पर कुछ बोलने के लिये ऐसा एक महान अवसर देने के लिये मैं आपको धन्यवाद Thanks देना चाहूंगा। मेरा नाम — है और मैं कक्षा —- में पढ़ता हूँ।

आज, हमारे राष्ट्र के 66वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं। हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये। हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम Republic Day मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान Indian Constitution लागू हुआ था। हम लोग 1950 से ही लगातार भारत का गणतंत्र दिवस मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है। विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा आदि। अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है।

गणतत्र दिवस परेड का हुआ पूर्वाभ्यास

गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले परेड का पूर्वाभ्यास बुधवार को आयोजित किया गया। इसके मार्च पास्ट की सलामी डमी मुख्य अतिथि एएसपी विजयपाल सिंह ने सलामी मंच से ली। फाइनल रिहर्सल को देखकर मानों ऐसा प्रतीत हो रहा था कि गणतंत्र दिवस का परेड ही शुरु है। तरह से चौथी टोली पीएसी के जवानों की रही। जिसकी कमान उपनिरीक्षक धमेरव़्ंद्र कुमार सिंह के हाथ में रही।  जिसकी कमान कमांडर शालू सिंह कर रही थी।    वहीं सातवी टोली एनसीसी के 90वीं बटालियन एनसीसी कैडेटों की रही। जिसकी कमान छोटेलाल के हाथ में रही।  इसके उपरांत डमी मुख्य अतिथि ने पुलिस अधीक्षक अनिल कव्मार और प्रथम कमांडर क्षेत्राधिकारी  नगर हितेंद्र कृष्ण के साथ परेड  का निरीक्षण किया। इस दौरान  कई राउंड की फायरिंग कर सलामी दी गई।

धन्यवाद, जय हिन्द!

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