Periodic Table (आवर्त सारणी) Periodic Table PDF Download

Periodic Table आवर्त सारणी : Mendeleev Periodic Law and Original Periodic table PDF Download के साथ मेण्ड़लीफ का आवर्त नियम, मेण्ड़लीफ की मूल आवर्त सारणी के मुख्य लक्षण, आधुनिक आवर्त नियम, Medal’s Law तथा अन्य बहुत सी जानकारी आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको आवर्त साऱणी Periodic Table के बारे में जानकारी देगे तथा नीचे हमने Periodic Table PDF Format मे भी प्रस्तुत कि हुई है, आप उसे भी Free Download Period Table कर सकते है।

  MENDAL RULES PERIODIC TABLE

मेण्ड़लीफ की लघु रूप आवर्त सारणी के दोष, दीर्घाकार आवर्त सारणी (Long Form Periodic Table)।आदि से सम्बन्धित प्रश्नो की जानकारी के लिए हमारे इस लेख को ध्यान से पढ़े और इन्हे याद करलें क्यों की यहाँ से कई बार प्रश्नों को पूछ लिया जाता है। यदि आप इस पढें रहेंगे तो इससे सम्बन्धित प्रश्नो के उत्तर आप आसानी से दे लेंगे।

Periodic Table (आवर्त सारणी)

Periodic Table का विकास। तत्वों का धातुओं और अधातुओं में वर्गीकरण, तत्वों का त्रिकों (Triads) में वर्गीकरण, न्यूलैण्ड़ का अष्टक नियम, मेंण्ड़लीफ का आवर्त नियम और मूल आवर्त सारणी (Mendeleev Periodic Law and Original Periodic table), मेण्ड़लीफ का आवर्त नियम, मेण्ड़लीफ की मूल आवर्त सारणी के मुख्य लक्षण, आधुनिक आवर्त नियम, मेंण्ड़लीफ की लघु रूप आवर्त सारणी का संशोधित रूप, मेण्ड़लीफ की लघु रूप आवर्त सारणी के गुण (लाभ) के बारे मे नीचे एक एक जानकारी हिन्दी मे विस्तार से उपलब्ध है।

आवर्त सारणी का विकास

बहुत समय पहले से वैज्ञानिक तत्वों को एक क्रमबध्द और सरल रूप में व्यवस्थित करने का प्रयास करते रहे है। इस दिशा में डॉबेराइनर (1817), जे. ए. आर. न्यूलैण्ड़ (1864), ड़ी. आई. मेन्डेलीफ (1869) और लोथर मेयर (1870) के योग दान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

तत्वों का प्रथम आवर्ती वर्गीकरण रशियन वैज्ञानिक मेन्डेलीफ की देन है। आधुनिक आवर्त सारणी मेन्ड़ेलीफ द्वारा प्रस्तुत आवर्त सारणी का ही आधुनिक रूप है।

TRICK TO LEARN PERIODIC TABLE आवर्त सारणी

Metals And Non-Metals Periodic Table तत्वों का धातुओं और अधातुओं में वर्गीकरण

सर्वप्रथम तत्वों को धातु और अधातु दो वर्गों में बाँटा गया, धातु वे होते है। जिनमें निम्नलिखित गुण होतें हैं-

  • धात्विक चमक (Metallic Luster)
  • उच्च ऊष्मा चालकता
  • उच्च विद्युत चालकता
  • ऑक्साइड़ों की क्षारकीय प्रकृति।
👉 सोडियम, कॉपर, सिल्वर, जिंक गोल्ड, आइरन, निकैल आदि धातु है।
👉 सल्फर, फॉस्फोरस, कार्बन, आयोडीन आदि अधातु है। अधातु भंगुर होतें है। इनके आक्साइस प्रायः अम्लीय होते है।

कुछ तत्व ऐसे भी होंते है। जिनमें धातु तथा अधातु दोनो के गुण पायें जाते है। जैसे- सिलिकान, जर्मेनियम, ऑर्सेनिक, एन्टिमनी और टैल्यूरियम उपधातु है।

तत्वों का त्रिकों (Triads) में वर्गीकरण

डॉबेराइनर नें 1817 में तत्वो का त्रिकों का नियम दिया।

न्यूलैण्ड का अष्टक नियम

न्यूलैण्ड़ ने 1864 में अष्टक नियम दिया।

मेन्डेलीफ का आवर्त नियम

19 उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में महान  वैज्ञानिक मेन्डेलीफ ने 1869 में तत्वों और उनके यौगिकों के तुलनात्मक अध्ययन से बताया कि ” तत्वों  के गुण उनके परमाणु भारों के आवर्ती फलन है।”  इसें Mendelliff’s की आवर्त नियम कहते है।

Modern Period Rule आधुनिक आवर्त नियम

रेड़ियोऐक्टिवता, समस्थानिकों, समभारिकों और परमाणु नाभिकों की खोंजो एवं मोज्ले और चैड़विक ने बताया की तत्वों का मूल लक्षण परमाणु क्रमांक न की परमाणु भार। यह देखते हुए मेंन्डेलीफ के आवर्त नियम में परिवर्तन किया गया।

periodic table

एच. जी. जे. मोज्ले (1913) द्वारा प्रस्तुत आधुनिक आवर्त नियम के अनुसार,” तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांको के आवर्ती फलन है।

मेन्डेलीफ की लघु रूप सारणी के मुख्य लक्षण

  1. मेन्डेलीफ की संशोंधित आवर्त सारणी में तत्व परमाणु  क्रमांकों के बढते हुए क्रम से दस क्षैतिज पंक्तियों में रखे गये है। इस क्षैतिज पंक्तियों को श्रेणियाँ (Series) कहतें है।
  2. तत्वों की दस श्रेणियों सात क्षैतिज कॉलम और नौ खड़े कॉलम में बांटी गयी है। सात क्षैतिज कॉलमों को आवर्त  या पीरियड ( Period) और नौ खडें कॉलम को वर्ग या ग्रुप (Group) कहतें है।
  3. प्रत्येक आवर्त का प्रथम तत्व क्षार धातु और अन्तिम तत्व अक्रिय गैस है।
  4. एक आवर्त के आगे की ओर जाने पर तत्वों के गुण बदलते जाते है। इस लक्षण को तत्वों के गुणों की आवर्तिता (Periodicity) कहतें है।

Periodic Table PDF

Periodic TableDetails
QualityFull HD
Size200 kb
LanguageHindi
ImportantAll Elements

हमे 5 स्टार रेटिंग जरुर करें

4.7
04

Periodic Table Download

32-column periodic table

An ideal choice for a poster wall of your classroom:The periodic table of the chemical elements arranged in 32 columns.

Empty tables of the periodic system

उपलब्ध pdf मे सभी तत्वो के स्थान को खाली रखा गया है, जिसकी मदद से आप इसे डाउनलोड करके इसे प्रिंट करके सरलतम रुप से इसके उपलब्ध नाम लिखकर सही आकलन समझ सकते है। The PDF file contains three blank periodic tables useful for student work. One contains only symbols and you need to write in the names of the elements.

Printable periodic table

नीचे दिए गए आवर्त सारणी रंगो मे उपलब्ध है, आप सरलतम रुप से Colorful Format मे Periodic Table डाउनलोड कर सकत है।

Modern Periodic Table Important Questions

Que . आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
Ans . आधुनिक आवर्त नियमः- तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण इसके परमाणु संख्या के आवर्त फलन होते हैं।
Que . आधुनिक आवर्त सारणी क्या है?
Ans. आधुनिक आवर्त सारणी – तत्वों के परमाणु संख्या के बढ़ते क्रम में सजाने पर एक सारणी प्राप्त होती है, उसे आधुनिक आवर्त सारणी कहते हैं।
Que. आवर्त तथा वर्ग क्या है?
Ans. आवर्तः– तत्वों को परमाणु भार के वृद्धि क्रम में क्रमबद्ध करने पर कुछ क्षैतिज कतारें प्राप्त होती हैं, उन्हें आवर्त कहते हैं।
वर्गः– आवर्त नियम के अनुसार तत्वों को परमाणु भार के वृद्धि क्रम में क्षैतिज कतारें में सजाने पर समान गुण वाले तत्व एक ही उर्ध्वाधर काॅलम में उपस्थित रहते हैं, उस उर्ध्वाधर काॅलम को वर्ग कहते हैं।
Que . मेंडलीफ के आवर्त सारणी में कुल कितने आवर्त तथा वर्ग थे?
Ans. मेंडलीफ के आवर्त सारणी में कुल 7 आवर्त तथा 8 वर्ग थे।
Que . उपवर्ग क्या है?
Ans. उपवर्गः– प्रथम वर्ग से सातवें वर्ग को दो भागों में बाँटा गया है, जिन्हें उपवर्ग A तथा उपवर्ग B कहते हैं। प्रत्येक उपवर्ग के तत्वों में समानता पायी जाती है। आठवें तथा 0 वर्ग का उपवर्ग में नहीं बाँटा गया है।
Que . अति लघु आवर्त क्या है?
Ans. अति लघु आवर्तः– प्रथम आवर्त में केवल दो तत्व H तथा He रखे गये हैं। यह आवर्त सारणी का सबसे छोटा आवर्त है। इसे अति लघु आवर्त कहते हैं।
Que . द्वितीय आवर्त में कितने तत्व होते हैं?
Ans. द्वितीय आवर्त में कुल आठ तत्व Li, Be, B, C, N, O, F तथा Ne हैं। इसे लघु आवर्त कहते हैं।
Que . द्वितीय आवर्त में कौन-कौन से तत्व धातु हैं?
Ans. द्वितीय आवर्त में Li तथा Be धातु है।
Que . द्वितीय आवर्त में कौन-कौन से तत्व अधातु हैं?
द्वितीय आवर्त में B, C, N, O, F तथा Ne अधातु हैं।
Que . तृतीय आवर्त में कितने तत्व होते हैं?
तृतीय आवर्त में Na, Mg, Al, Si, P, S, Cl तथा Ar कुल आठ तत्व हैं। इस आवर्त को लघु आवर्त कहते हैं।
Que . तृतीय आवर्त में कौन-कौन से तत्व धातु हैं?
तृतीय आवर्त में Mg तथा Al धातु हैं।
Que . तृतीय आवर्त में कौन-कौन से तत्व अधातु हैं?
तृतीय आवर्त में Na, Si, P, S, Cl तथा Ar अधातु हैं।
Que . तृतीय आवर्त में कौन-कौन से तत्व ठोस तथा गैसें हैं?
तृतीय आवर्त में P तथा S ठोस हैं एवं Cl तथा Ar गैसें हैं।
Que . आवर्त सारणी में कुल कितने वर्ग हैं?
आवर्त सारणी में कुल 9 वर्ग हैं।
Que . सामान्य वर्ग किसे कहते हैं?
आवर्त सारणी में प्रथम वर्ग सातवें वर्ग को सामान्य वर्ग कहते हैं।
Que . संक्रमण वर्ग किसे कहते हैं?
आवर्त सारणी में आठवें वर्ग को संक्रमण वर्ग कहते हैं।
Que . निष्क्रिय वर्ग किसे कहते हैं?
आवर्त सारणी में नवें वर्ग को निष्क्रिय वर्ग या शून्य वर्ग कहते हैं।
Que . शून्य वर्ग में किन-किन गैसों को रखा गया है?
शून्य वर्ग में He, Ne, Ar, Kr, Xe तथा Rn गैसों को रखा गया है।
Que . आदर्श तत्व किसे कहते हैं?
शून्य वर्ग में रखे गये तत्वों को आदर्श तत्व कहते हैं।
Que . दुष्ट तत्व किसे कहते हैं?
हाइड्रोजन को दुष्ट तत्व कहते हैं।
Que . हाइड्रोजन को किस वर्ग में रखा गया है? और क्यों?
हाइड्रोजन को प्रथम वर्ग के उपवर्ग A के क्षारीय धातुओं के साथ तथा VII वर्ग के उपवर्ग B में हैलोजन के साथ रखा गया है क्योंकि इसका गुण क्षारीय धातुओं तथा हैलोजन दोनों से मिलता है।
Que . क्षारीय धातुएं किसे कहते हैं?
क्षारीय धातुएं:- प्रथम वर्ग के उपवर्ग A के तत्वों Li, Na, K, Rb, Cs तथा Fr को क्षारीय धातुएं कहते हैं।
Que . हैलोजन्स किसे कहते हैं?
हैलोजन्सः- सातवें वर्ग के उपवर्ग B में उपस्थित F, Cl, Br, I तथा At को हैलोजन्स कहते हैं।
Que . सेतु तत्व किसे कहते हैं?
शून्य वर्ग के निष्क्रिय गैसों को सेतु तत्व कहते हैं।
Que . प्रारूपिक तत्व किसे कहते हैं?
प्रारूपिक तत्वः- वे तत्व जो प्रकृति में प्रचूर परिमाण में पाये जाते हैं तथा इनका प्रकृति तथा गुण भी निश्चित होता है, इन्हें विशिष्ट या प्रारूपिक तत्व या सामान्य तत्व कहते हैं।
Que . आवर्त सारणी में तत्वों के गुणों की आवर्तता क्या है? तथा इसके क्या कारण हैं?
आवर्तताः– परमाणु संख्या के वृद्धि क्रम में तत्वों को सजाने पर एक निश्चित अवधि के बाद गुणों की पुनरावृत्ति होती है, इसे ही आवर्तता कहते हैं।
आवर्तता के कारणः- तत्वों को बढ़ते हुये परमाणु क्रमांक के आधार पर सजाने से एक निश्चित अवधि के पश्चात् उनके बाहरी कोश में समान इलेक्ट्रानिक विन्यास की गयी।
error: कृपया उचित स्थान पर क्लिक करें