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Sandhi सन्धि : परिभाषा, भेद, उदाहरण सहित (संस्कृत व्याकरण)

Sandhi संधि के इस लेख के माध्य से हम आपको संधि के बारे में पूरी जानकारी देंगे कि संधि कि परिभाषा क्या है? संधि के भेद कितने होते है आदि से सम्बन्धि लेख हम आप के लिए लेकर आये है।Students जैसा कि आप जानते है कि High School,  में Intermediate में तथा One day Exams में भी इस Topic से सम्बन्धित प्रश्न पूछें जातें। इसलिए ये महत्वपूर्ण लेख हम आप के लिये लेकर आयें।

sandhi ki paribhasa

Sandhi Ki Paribhasa संधि कि परिभाषा

सन्धि का साधारण अर्थ है मेंल। दो वर्णों के निकट आने से उनमें  जो विकार होता है ह उसे ‘सन्धि’ कहते है। इस प्रकार की सन्धि के लिए दोनों वर्णो का निकट होना आवश्यक है, क्योकि दूरवर्ती शब्दो या वर्णो में सन्धि नहीं होती है। वर्णो की इस निकट स्थिति को ही संधि कहते है। अतः संक्षेप में यह समझना चाहिए कि दो वर्णो के पास-पास आने से उनमें जो परिवर्तन या विकार होता है उसे सन्धि कहते है।

सन्धि उदाहरण

हिम + आलयः = हिमालयः

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रमा + ईशः = रमेंशः
सूर्य + उदयः  = सूर्योदयः

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Sandhi संधि के प्रकार

सन्धि तीन प्रकार की होती है-

  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि

स्वर संधि में  कतिपय मुख्य सन्धियों का परिचय पिछली कछाओं में  मिल चुका है। यहाँ उनसे भिन्न कुछ संधियों से परचय कराया जायेगा।

स्वर संधि

👉नियम– दो स्वरों के मेल से होने वाले विकार (परिवर्तन) को स्वर-संधि कहते हैं।

उदाहरण

हिम+आलय= हिमालय।

स्वर संधि के प्रकार

स्वर-संधि पाँच प्रकार की होती हैं-

  1. दीर्घ संधि
  2. गुण संधि
  3. वृद्धि संधि
  4. यण संधि
  5. अयादि संधि

दीर्घ संधि

👉नियम– अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ वर्णों के बीच होने वाली संधि दीर्घ संधि कहलाती है । क्योंकि इनमें से वर्ण कोई भी हो संधि दीर्ध हो जाती है । इसे वर्णों से बनने वाली संधि के कुछ उदाहरणों से समझा जा सकता है ।

उदाहरण

अ + अ= आ धर्म + अर्थ= धर्मार्थ
अ + आ= आ हिम +आलय= हिमालय
आ + अ= आ विद्या + अर्थी= विद्यार्थी
आ + आ= आ विद्या + आलय= विद्यालय
इ + इ= ई कवि + इच्छा= कवीच्छा
ई + इ= ई नदी + ईश= नदीश
उ + उ= ऊ भानु + उदय= भानूदय
उ + ऊ= ऊ लघु + ऊर्मि= लघूर्मि
ऊ + उ= ऊ वधू + उत्सव= वधूत्सव
ऊ + ऊ= ऊ वधू + ऊर्जा= वधूर्जा
ऋ + ऋ= ऋ मातृ + ऋण= मातृण

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 गुण संधि

👉नियम– जब अ, आ वर्ण के आगे अगर इ, ई वर्ण को जोड़ा जाए तो ए वर्ण बनता है।जब अ, आ वर्ण के आगे उ, ऊ वर्ण को जोड़ा जाए तो ओ वर्ण बनता है। इसी तरह अ, आ वर्ण के आगे जब ऋ वर्ण जोड़ा जाए तो अर् बनता है। इसे गुण-संधि कहते हैं ।

उदाहरण

अ+ इ= ए नर+ इंद्र= नरेंद्र
अ+ ई= ए नर+ ईश= नरेश
आ+ इ= ए महा+ इंद्र= महेंद्र
आ+ ई= ए महा+ ईश= महेश
अ+ ई= ओ ज्ञान+ उपदेश= ज्ञानोपदेश
आ+ उ= ओ महा+ उत्सव= महोत्सव
अ+ ऊ= ओ जल+ ऊर्मि= जलोर्मि
आ+ ऊ= ओ महा+ ऊर्मि= महोर्मि
अ+ ऋ= अर् देव+ ऋषि= देवर्षि
आ+ ऋ= अर् महा+ ऋषि= महर्षि

 वृद्धि संधि

👉नियम– अ, आ वर्ण का ए, ऐ, औ से मेल होने पर ऐ, औ बनता है । इसे वृद्धि संधि कहते हैं।

उदाहरण

अ+ ए= ऐ एक+ एक= एकैक
अ+ ऐ= ऐ मत+ ऐक्य= मतैक्य
आ+ ए= ऐ सदा+ एव= सदैव
आ+ ऐ= ऐ महा+ ऐश्वर्य= महैश्वर्य
अ+ ओ= औ जवन+ ओषधि= वनौषधि
आ+ ओ= औ महा+ औषध= महौषधि
अ+ औ= औ परम+ औषध= परमौषध
आ+ औ= औ महा+ औषध= महौषध

 यण संधि

👉नियम– जब इ, ई, उ,ऊ ,ऋ ,ल के आगे कोई स्वर आता है तो ये क्रमश: य्, व्, र्, ल् में बदल जाता है ।

उदाहरण-

इ + अ= य् अति+ अल्प= अत्यल्प
ई + अ= य् देवी+ अर्पण= देव्यपर्ण
उ + अ= व् सु+ आगत= स्वागत
ऊ + आ= व् वधू+ आगमन= वध्वागमन
ऋ + आ= र् पितृ+ आज्ञा= पित्राज्ञा
लृ + आ= ल् लृ+ आकृति= लाकृति

अयादि संधि

👉नियम– जब ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई स्वर आता है तो ए का अय, ऐ का आय और औ का आव् हो जाता है ।

उदाहरण

ए + अ= अय् ने+ अयन= नयन
ऐ + अ= आय् नै+ अक= नायक
ओ + अ= अव् पो+ अन= पवन
औ + अ= आव् पौ+ अक= पावक

व्यंजन संधि

व्यंजन का स्वर या व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन होता है ,उसे व्यंजन संधि कहते है>

उदाहरण

उत + उल्लास = उल्लास
अप + ज = अब्ज

👉नियम– अगर क्, च्, ट्, त्, प् के बाद किसी वर्ग का तीसरा या चौथा वर्ण या य्, र्, ल्, व् हो या कोई स्वर हो तो उसी वर्ग का तीसरा वर्ण बन जाता है अर्थात क् के स्थान पर ग्, च् के स्थान पर ज्, ट् के स्थान पर ड्, त् के स्थान पर द् और प् के स्थान पर ब् बन जाता है।

उदाहरण

दिक् + गज = दिग्गज
वाक् + ईश = वागीश
अच् + अंत = अजंत
षट् + यंत्र = षडयंत्र
अप् + ज = अब्ज
सत + भाव = सदभाव

👉नियम – यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) का मेल न् या म् वर्ण से हो तो उसके स्थान पर उसी वर्ग का पाँचवाँ वर्ण हो जाता है|

उदाहरण

वाक् + मय = वाङमय
अच् + नाश = अञ्नाश
षट् + मास = षण्मास
उत् + नायक = नायक
अप् + मय = अम्मयद
षट् + मुख = षण्मुख

👉नियम– त् के बाद च या छ हो तो त् का च्, ज या झ हो तो त् का ज्, ट या ठ हो तो त् का ट् ,ड या ढ हो तो त् का ड् और ल हो तो त् का ल् बन जाता है।

उदाहरण

सत् + चारण= उच्चारण
जगत् + ईश = जगदीश
भगवत् + भक्ति = भगवद्भक्ति
तत् + रूप = तद्रूप
सत् + धर्म = सद्धर्म

👉नियम – म् के बाद कोई भी स्पर्श व्यंजन ( क से म तक ) हो तो उसी वर्ग का पंचम वर्ण या अनुसार लिखा जाता है |पंचम वर्ण की अपेक्षा अनुस्वार लिखने से आसानी है।

उदाहरण

अहम् + कार = अहंकार
सम् + भव = संभव
किम् + तु = किंतु
सम् + बंध = संबंध

नियम– म् के बाद कोई भी अन्तस्थ व्यंजन (य्,र,ल,व) या कोई भी ऊष्म व्यंजन (श्,स,ष,ह) हो तो म् अनुस्वार लिखा जाता है।

उदाहरण

सम् + मति = सम्मति
सम् + मान = सम्मान

👉नियम– ऋ,र्, ष् के बाद न् व्यंजन आता है तो उसका ण् हो जाता है।

उदाहरण

परि + नाम = परिणाम
प्र + मान = प्रमाण
ऋ + न = ऋण
विष् + नु = विष्णु

👉नियम– स व्यंजन से पहले यदि अ,आ से भिन्न स्वर आ जाए तो स का ‘ष’हो जाता है |

उदाहरण

अभि + सेक = अभिषेक
नि + सिद्ध = निषिद्ध
वि + सम = विषम

👉नियम – यदि किसी स्वर के बाद छ वर्ण आए तो छ से पहले च् वर्ण जुड़ जाता है ।

उदाहरण

स्व + छंद = स्वच्छंद
संधि + छेद = संधिविच्छेद
परि + छेद = परिच्छेद

👉नियम – सम्+’कृ’ धातु से बने शब्द जैसे-कृत,कार,कृति,कर्ता,कारक आदि हो तो म् का अनुस्वार तथा बाद में स् का आगम हो जाता है।

उदाहरण

सम् + कर्ता = संस्कर्ता
सम् + कार = संस्कार

👉नियम – परि+’कृ’ धातु से बने शब्द हो तो परि के बाद ‘ष्’ का आगम हो जाता है |

उदाहरण

परि + कार = परिष्कार
परि + कर्ता = परिष्कर्ता

👉नियम – ष् के बाद टी हो और ष् के बाद थ हो तो टी का ट तथा थ का ठ हो जाता है |

उदाहरण

उतकृष् + त = उत्कृष्ट
तुष् + त = तुष्ट

👉नियम– स्थ से पहले इ या उ स्वर हो तो स्थ को ष्ठ हो जाता है |

उदाहरण

युधि + स्थिर = युधिष्ठिर
नि + स्थुर = निष्ठुर

विसर्ग-संधि

विसर्ग संधि के 10 नियम होते हैं –

👉नियम– विसर्ग के साथ च या छ के मिलन से विसर्ग के जगह पर ‘श्’बन जाता है। विसर्ग के पहले अगर ‘अ’और बाद में भी ‘अ’ अथवा वर्गों के तीसरे, चौथे , पाँचवें वर्ण, अथवा य, र, ल, व हो तो विसर्ग का ओ हो जाता है।

उदहारण

निः + चय = निश्चय
दुः + चरित्र = दुश्चरित्र
ज्योतिः + चक्र = ज्योतिश्चक्र
निः + छल = निश्छल

👉नियम– विसर्ग से पहले अ, आ को छोड़कर कोई स्वर हो और बाद में कोई स्वर हो, वर्ग के तीसरे, चौथे, पाँचवें वर्ण अथवा य्, र, ल, व, ह में से कोई हो तो विसर्ग का र या र् हो जाता ह। विसर्ग के साथ ‘श’ के मेल पर विसर्ग के स्थान पर भी ‘श्’ बन जाता है।

उदाहरण

दुः + शासन = दुश्शासन
यशः + शरीर = यशश्शरीर
निः + शुल्क = निश्शुल्क

👉नियम– विसर्ग से पहले कोई स्वर हो और बाद में च, छ या श हो तो विसर्ग का श हो जाता है। विसर्ग के साथ ट, ठ या ष के मेल पर विसर्ग के स्थान पर ‘ष्’ बन जाता है।

उदाहरण-

धनुः + टंकार = धनुष्टंकार
चतुः + टीका = चतुष्टीका
चतुः + षष्टि = चतुष्षष्टि
निः + चल = निश्चल
निः + छल = निश्छल
दुः + शासन = दुश्शासन

👉नियम– विसर्ग के बाद यदि त या स हो तो विसर्ग स् बन जाता है। यदि विसर्ग के पहले वाले वर्ण में अ या आ के अतिरिक्त अन्य कोई स्वर हो तथा विसर्ग के साथ मिलने वाले शब्द का प्रथम वर्ण क, ख, प, फ में से कोई भी हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘ष्’ बन जायेगा।

उदाहरण

निः + कलंक = निष्कलंक
दुः + कर = दुष्कर
आविः + कार = आविष्कार

👉नियम– विसर्ग से पहले इ, उ और बाद में क, ख, ट, ठ, प, फ में से कोई वर्ण हो तो विसर्ग का ष हो जाता है। यदि विसर्ग के पहले वाले वर्ण में अ या आ का स्वर हो तथा विसर्ग के बाद क, ख, प, फ हो तो सन्धि होने पर विसर्ग भी ज्यों का त्यों बना रहेगा।

उदाहरण

अधः + पतन = अध: पतन
प्रातः + काल = प्रात: काल
अन्त: + पुर = अन्त: पुर
वय: क्रम = वय: क्रम

👉नियम– विसर्ग से पहले अ, आ हो और बाद में कोई भिन्न स्वर हो तो विसर्ग का लोप हो जाता है। विसर्ग के साथ त या थ के मेल पर विसर्ग के स्थान पर ‘स्’ बन जायेगा।

उदाहरण

अन्त: + तल = अन्तस्तल
नि: + ताप = निस्ताप
दु: + तर = दुस्तर

👉नियम– विसर्ग के बाद क, ख अथवा प, फ होने पर विसर्ग में कोई परिवर्तन नहीं होता। विसर्ग के साथ ‘स’ के मेल पर विसर्ग के स्थान पर ‘स्’ बन जाता है।

उदाहरण-

नि: + सन्देह = निस्सन्देह
दु: + साहस = दुस्साहस
नि: + स्वार्थ = निस्स्वार्थ

👉नियम– यदि विसर्ग के पहले वाले वर्ण में ‘इ’ व ‘उ’ का स्वर हो तथा विसर्ग के बाद ‘र’ हो तो सन्धि होने पर विसर्ग का तो लोप हो जायेगा साथ ही ‘इ’ व ‘उ’ की मात्रा ‘ई’ व ‘ऊ’ की हो जायेगी।

उदाहरण-

नि: + रस = नीरस
नि: + रव = नीरव
नि: + रोग = नीरोग
दु: + राज = दूराज

👉नियम– विसर्ग के पहले वाले वर्ण में ‘अ’ का स्वर हो तथा विसर्ग के साथ अ के अतिरिक्त अन्य किसी स्वर के मेल पर विसर्ग का लोप हो जायेगा तथा अन्य कोई परिवर्तन नहीं होगा।

उदाहरण-

अत: + एव = अतएव
मन: + उच्छेद = मनउच्छेद
पय: + आदि = पयआदि
तत: + एव = ततएव

👉नियम– विसर्ग के पहले वाले वर्ण में ‘अ’ का स्वर हो तथा विसर्ग के साथ अ, ग, घ, ड॰, ´, झ, ज, ड, ढ़, ण, द, ध, न, ब, भ, म, य, र, ल, व, ह में से किसी भी वर्ण के मेल पर विसर्ग के स्थान पर ‘ओ’ बन जायेगा।

उदाहरण

मन: + अभिलाषा = मनोभिलाषा
सर: + ज = सरोज
वय: + वृद्ध = वयोवृद्ध
यश: + धरा = यशोधरा

Sandhi Question संधि प्रश्न उत्तर

आज हम आप के लिए Sandhi Questions   लेकर आयें है। जो कि  आपके One Day Exams के लिए अत्यन्त उपयोगी साबित होगा। जैसा कि आप सभी जानते है। One Day Exams के लिए हिन्दी का एक अपना महत्वपूर्ण  स्थान है। इन्ही सभी को देखते हुए हम आपके लिए  संधि Question  कि एक test series तैयार की है।  जिससे कि इस संधि प्रश्न उत्तर के माध्यम से हम आपको कुछ अंक दिलाने में मदद कर सकें।

👉पावक शब्द में कौनसी संधि है।

  1. यण् संधि
  2. अयादि संधि
  3. विसर्ग संधि
  4. व्यंजन संधि
Show Answer
Correct Answer :अयादि संधि

👉नयन शब्द में कौनसी संधि है।

  1. यण् संधि
  2.  अयादि संधि
  3.  विसर्ग संधि
  4.  व्यंजन संधि
Show Answer
Correct Answer :अयादि संधि

👉दायिनी शब्द में संधि विच्छेद है।

  1. दै + इनी = दायिनी
  2. दै + ईनी = दायिनी
  3. दे + इनी = दायिनी
  4. द + इनी = दायिनी
Show Answer
Correct Answer :दै+इनी= दायिनी

👉देव्यर्पण शब्द में संधि है।

  1. यण् संधि
  2. अयादि संधि
  3. विसर्ग संधि
  4. व्यंजन संधि
Show Answer
Correct Answer :यण् संधि

👉किस क्रमाक में ”मधु + आचार्य” की संधि है।

  1. मध्वाचार्य
  2. मधूचार्य
  3. माधवाचार्य
  4. माधोचार्य
Show Answer
Correct Answer :मध्वाचार्य

👉प्रत्युपकार में कौनसी संधि है।

  1. व्यंजन संधि
  2. विसर्ग संधि
  3. यण् संधि
  4.  गुण संधि
Show Answer
Correct Answer :यण् संधि

👉“ साध्वाचरण” का संधि विच्छेद है।

  1. साध + चरण
  2. साधव + चरण
  3. साधी + आचरण
  4. साधु + आचरण
Show Answer
Correct Answer :साधु+आचरण

👉“ व्यायाम” में कौनसी संधि है।

  1.  व्यंजन संधि
  2.  विसर्ग संधि
  3. यण् संधि
  4. गुण संधि
Show Answer
Correct Answer :यण् संधि

👉अयादि संधि का उदाहरण है।

  1. गायन
  2. यद्यपि
  3. जलौध
  4. रजनीश
Show Answer
Correct Answer :गायन

👉हिमाचल शब्द में किस संधि का प्रयोग हुआ है।

  1. गुण संधि
  2. वृद्धि संधि
  3. दीर्घ संधि
  4. यण् संधि
Show Answer
Correct Answer :दीर्घ संधि

👉 ‘सावधान ‘में कौन सी संधि है ?

  1. दीर्घ संधि
  2. गुण संधि
  3. वृद्धि संधि
  4. यण संधि
Show Answer
Correct Answer :दीर्घ संधि
👉सम्+अनु+अय=?

  1. समान्वय
  2. समनअय
  3. समुनअय
  4. समन्वय
Show Answer
Correct Answer :समन्वय

👉 ‘महेन्द्र ‘शब्द का संधि विच्छेद कीजिए ?

  1. महा + इन्द्र
  2. महि+इन्द्र
  3. महा+एन्द्
  4. महि+ एन्द्
Show Answer
Correct Answer :महा+इन्द्र

👉महौषधि में कौन सी संधि है?

  1. यण संधि
  2. गुण संधि
  3. वृद्धि संधि
  4. दीर्घ संधि
Show Answer
Correct Answer :वृद्धि संधि

👉मात्राज्ञा में कौन सी संधि विच्छेद है ?

  1. यण संधि
  2. दीर्घ संधि
  3. गुण संधि
  4. वृद्धि संधि
Show Answer
Correct Answer :यण संधि

👉अनविति का संधि विच्छेद कीजिए?

  1. अन+इति
  2. अनु+इति
  3. अन+ विति
  4. अनु+विति
Show Answer
Correct Answer :अनु+इति

👉नयन का संधि विच्छेद कीजिए ?

  1. ने+अन
  2. न+यन
  3. न+इन
  4. ने+यन
Show Answer
Correct Answer :ने+अन

👉विधायिका में कौन सी संधि है ?

  1. गुण संधि
  2. अयादि संधि
  3. दीर्घ संधि
  4. यण संधि
Show Answer
Correct Answer :अयादि संधि

👉अधि+अक्ष=?

  1. अधीच्छ
  2. अधीक्ष
  3. अधच्छ
  4. अध्यक्ष
Show Answer
Correct Answer :अधच्छ

👉भो+इष्य= ?

  1. भविष्य
  2. भाविष्य
  3. भोविष्य
  4. भोष्य
Show Answer
Correct Answer :भविष्य

👉यण संधि का उदाहरण है?

  1. एकैक
  2. व्यर्थ
  3. भवन
  4. विद्यालय
Show Answer
Correct Answer :व्यर्थ

👉विसर्ग संधि का उदाहरण है?

  1. सज्जन
  2. दुष्कर
  3. अन्वय
  4. शावक
Show Answer
Correct Answer :दुष्कर

👉लिखना- पढ़ना का संधि पद है?

  1. लिखना पढ़ना
  2. लिखापढ़ी
  3. लिख पढ़
  4. लिखनापढ़
Show Answer
Correct Answer :लिखापढी

👉सरोज का संधि विच्छेद है?

  1. सर:+ज
  2. सर+रुज
  3. सरो:+ज
  4. सरा+ज
Show Answer
Correct Answer :सर:+ज

👉उदय शब्द का विच्छेद होगा?

  1. उद+य
  2. उत्+अय
  3. उत+अय
  4. उद:+य
Show Answer
Correct Answer :Aउत+अय

👉गुण संधि का उदाहरण है ?

  1. कृष्णावतार
  2. विद्यालय
  3. सर्वोपरि
  4. रवीन्द्र
Show Answer
Correct Answer :Aसर्वोपरि

👉‘महौषधि” शब्द में कौनसी संधि है?

  1. दीर्घ
  2. यण
  3. गुण
  4. वृध्दि
Show Answer
Correct Answer :वृद्धि

👉‘संधि’ शब्द में कौनसी संधि है ?

  1. स्वर
  2. व्यंजन
  3. विसर्ग
  4. इनमें से कोई नहीं
Show Answer
Correct Answer :व्यंजन

👉’ दीपोत्सव’ शब्द में कौनसी संधि है ?

  1. दीर्घ
  2. गुण
  3. यण
  4. अयादि
Show Answer
Correct Answer :गुण

👉 गायक शब्द में कौनसी संधि है ?

  1. यण
  2. अयादि
  3. गुण
  4. वृध्दि
Show Answer
Correct Answer :अयादि

अधिक संस्कृत ग्रामर के इस सन्धि के बारे मे जानने के लिए https://hi.wikipedia.org/wiki/संधि_(व्याकरण)

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